क्योंकि जब मैं रोता हूँ तो ये कभी नहीं हस्ता…!!!
खुला आसमान है, फिर भी हम कैद से लगते हैं,
ये दुनिया आँसू देखकर भी तमाशा ढूँढती है।
अब कोई मिले या ना मिले… फर्क ही नहीं पड़ता।
मैं तुझे भी रुला दू तेरे सितम सुना सुना कर…!
चाहकर भी उनसे नाता तोड़ा नहीं जा सकता।
ख़ुद को लाख संभाल लूँ, मगर ख़याल तो रहेगा।
मुझे कौनसा इस दुनिया में दुबारा आना है ..!!
लोग Sad Shayari in Hindi मुस्कुराहट देख कर हमें खुश समझ बैठे।
हँसना–हँसाना तो बस मेरा एक पुराना हुनर है।
अपना बनाकर फिर कुछ दिनों में बेगाना कर दिया,
मगर वो ख्वाबों में आने से भी बाज़ नहीं आते।
“हम मुस्कुरा भी लें तो लगता है दर्द छुपा रहे हैं,
कब तक तेरे इश्क़ का बोझ उठा कर रोता रहूँ,